धामी कैबिनेट ने हरिद्वार में जिन 13 प्रस्तावों को दी मंजूरी, जानें क्या है उत्तराखंड के लिए उनका महत्व – Devbhoomi Insider

धामी कैबिनेट ने हरिद्वार में जिन 13 प्रस्तावों को दी मंजूरी, जानें क्या है उत्तराखंड के लिए उनका महत्व

हरिद्वार: धामी कैबिनेट ने आज पहली बार हरिद्वार में बैठक की. उत्तराखंड कैबिनेट बैठक से पहले हर की पैड़ी पर मां गंगा की पूजा अर्चना की गई. इस दौरान पीएम मोदी के राजनीतिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर मंगलकामना की गई. कैबिनेट ने उत्तराखंड के विकास में पीएम मोदी और भारत सरकार का आभार जताया. उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी मिली, तो सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती संबंधी नई नियमावली को भी मंजूरी दी गई. आइए आपको कैबिनेट द्वारा लिए गए 13 फैसलों की पूरी जानकारी देते हैं.

1. उत्तराखण्ड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री एवं भारत सरकार का आभार: उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे निरंतर सहयोग के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भारत सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया. राज्य की विशिष्ट पर्वतीय, सीमावर्ती एवं सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास संबंधी प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की गई.

2. मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक अनुमोदन: हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास एवं विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया गया. संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिन्दू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है. इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति एवं आधुनिक शोध को बढ़ावा देना है.

3. उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी: उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की धारा 49 के अंतर्गत अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई. इसके अंतर्गत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों तथा वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है. इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचा विकास को गति देने में सहायता मिलेगी.

4. द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी: प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई. इसके माध्यम से छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड तथा प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान करने और कानूनों के अप्रचलित एवं अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे.

5. उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी: बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग एवं विकास गतिविधियों को विनियमित करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई. इसके अंतर्गत उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक एवं कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी. इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखते हुए जन-धन, संपत्ति एवं महत्वपूर्ण अवस्थापनाओं को संभावित बाढ़ क्षति से सुरक्षित रखना है.

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