देहरादून में पुलिसकर्मियों के लाठी भांजने से युवक बेहोश, SSP ने दरोगा और एसआई को किया लाइन हाजिर

देहरादून: देहरादून के थाना प्रेमनगर क्षेत्र के उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में युवा फेस्ट कार्यक्रम के दौरान छात्रों के जमावड़े को हटाने को लेकर पहुंची पुलिस के साथ एक युवक ने बहसबाजी शुरू कर दी. पुलिस उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़ी तो वह भागने लगा. पीछा करते हुए पुलिस ने उसे पकड़ लिया और जमकर लाठियां बरसाई, जिसके बाद युवक बेहोश हो गया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने घटना का संज्ञान लिया. मामले में एक दरोगा और एसआई को लाइन हाजिर कर दिया.

रविवार को उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में गायक का कार्यक्रम होना है. हालांकि पुलिस ने बड़े आयोजन को लेकर संस्थान को अनुमति नहीं दी गई है. लेकिन कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार से छात्रों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया. शुक्रवार को संस्थान के गेट पर बड़ी संख्या में छात्र जुटे हुए थे, जिसके चलते लंबा जाम लग गया. जाम को लेकर लगातार पुलिस को फोन आने शुरू हुए तो प्रेमनगर थाने से दो पुलिसकर्मी जब जाम खुलवाने पहुंचे तो उन्होंने छात्रों और अन्य युवकों को तत्काल अपने-अपने वाहन हटाने को कहा. इस दौरान एक युवक की पुलिसकर्मियों से बहस हो गई. पुलिस ने उसे समझाने का प्रयास किया और तत्काल वाहन वहां से हटाने को कहां, लेकिन युवक नहीं माना और पुलिसकर्मियों से बहस करने लगा.

गुस्से में पुलिस ने युवक को पकड़ने का प्रयास किया तो वह भागने लगा. कुछ दूरी पर पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और जमीन पर गिरा कर डंडे से जमकर पीट दिया. वहीं थाना प्रेमनगर में तैनात दरोगा और सिपाही दोनों ने जिस तरह से युवक को बेरहमी से पीटा उस पर देहरादून के एसपी सिटी प्रमोद कुमार का भी गैर जिम्मेदाराना बयान सामने आया, जिन्होंने इस घटना को हल्का बल प्रयोग बताया. हालांकि उन्होंने कहा कि वीडियो सामने आने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है. एसपी सिटी प्रमोद कुमार का कहना है कि निजी संस्थान के एक कार्यक्रम में जुट रही भीड़ के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था.जिसे हटाने के लिए पुलिसकर्मी गए थे और जब वहां लोगों को समझाया जा रहा था तो कुछ लोग तो चले गए थे. लेकिन एक दो लड़कों ने वहां पुलिस से बहस की थी, जिन्हें हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. साथ ही एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल द्वारा वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया, साथ ही पूरे प्रकरण की जांच राजपत्रित अधिकारी के सुपुर्द की गई.

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