खटीमा: उधमसिंहनगर के खटीमा में कथित धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि आरोपी गरीब, थारू समाज और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पैसों, इलाज और बेहतर जिंदगी का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहे थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि लालच, भय या दबाव के जरिए धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अहम डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं और मामले की जांच तेज कर दी गई है.
एसएसपी ने कही सख्त कार्रवाई बात: जनपद पुलिस ने धर्मांतरण के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि आरोपी खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में थारू समाज, अनुसूचित जाति एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाकर उन्हें लालच, भय और प्रलोभन के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहे थे. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने पूरे मामले को गंभीर और संवेदनशील बताते हुए स्पष्ट किया कि जनपद में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि गरीब और भोले-भाले लोगों को पैसों, इलाज, आर्थिक सहायता और अन्य प्रलोभनों के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी.
ऐसे चला धर्मांतरण का खेल: पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी गांव-गांव जाकर विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित करते थे और लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे। आरोप है कि धर्म परिवर्तन करने पर प्रतिमाह आर्थिक सहायता और बड़ी रकम देने का लालच दिया जाता था. इतना ही नहीं, बीमारी ठीक होने, पारिवारिक परेशानियां खत्म होने और आर्थिक स्थिति सुधरने जैसे दावे कर लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित किया जा रहा था. जांच में यह भी सामने आया कि विरोध करने वालों को धमकियां दी जाती थीं और परिवार को नुकसान पहुंचाने तक की चेतावनी दी जाती थी. पुलिस के अनुसार धार्मिक किताबों और बैठकों के माध्यम से लोगों को लगातार प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था.
शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस: मामले की शुरुआत तब हुई जब खटीमा क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि उस पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है. इसके बाद एक अन्य शिकायत में भी आरोपियों द्वारा थारू बाहुल्य गांवों और गरीब परिवारों को निशाना बनाने की बात सामने आई. दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली खटीमा में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम एवं विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए. एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने लगातार दबिश और तलाश अभियान चलाकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.