रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर गुजरात के एक तीर्थयात्री की मृत्यु के मामले में जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक, अपुष्ट व तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं. प्रशासन ने साफ किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य व सुविधा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. यात्रा के दौरान हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
दरअसल, बीते 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम में 69 वर्षीय श्रद्धालु दिलीप भाई माली निवासी गोरवा (गुजरात) का हार्ट अटैक से निधन हो गया. घटना के बाद विभिन्न प्लेटफॉर्म पर कई तरह की भ्रामक खबरें फैलने लगीं, जिन पर अब प्रशासन ने आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट की है.
उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल सिंह रावत ने बताया कि 22 अप्रैल की सुबह 6.30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि केदारनाथ में व्हाइट हाउस के समीप एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है. सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल व संवेदनशील कार्रवाई करते हुए यात्रा मैनेजमेंट फोर्स की टीम को मौके पर भेजा.
टीम द्वारा तुरंत श्रद्धालु को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केदारनाथ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मृतक के सम्मानजनक प्रबंधन को प्राथमिकता दी. वाईएमएफ के सहयोग से पार्थिव शरीर को केदारनाथ हेलीपैड तक पहुंचाया गया. उस समय हेलीकॉप्टर सेवा अस्थायी रूप से बाधित थी, लेकिन सेवा सुचारु होते ही शव को हेलीकॉप्टर के माध्यम से जामू हेलीपैड भेजा गया. वहां से आगे की कार्रवाई के लिए शव को वाहन के जरिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया.
प्रशासन का कहना है कि केदारनाथ धाम उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लंबा व चुनौतीपूर्ण पैदल मार्ग तय करना पड़ता है. साथ ही प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ता है. इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं, राहत व्यवस्था और आपातकालीन सहायता की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानें.