नाबालिग से दुष्कर्म मामले में हरिद्वार SSP सख्त, लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर निलंबित

हरिद्वार: खानपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में लापरवाही बरतने पर खानपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिगपाल सिंह कोहली पर गाज गिर गई है. बीती देर रात एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया. हरिद्वार में लंबे समय के बाद किसी इंस्पेक्टर को सीधे निलंबित करने की कार्रवाई की गई है.

जानकारी के मुताबिक तीन दिन पूर्व खानपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था. परिजनों ने तुरंत पूरे घटनाक्रम से इंस्पेक्टर दिगपाल सिंह कोहली को अवगत कराया था. आरोप है कि कि इंस्पेक्टर ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई करने की बजाय लापरवाही बरती, जिसके चलते वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी फरार हो गए थे. इस बात की जानकारी मिलने पर एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर को मिली तो उन्होंने मामले में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए. एसएसपी के के निर्देश पर तत्काल इस संबंध में पॉक्सो एक्ट समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया.

जनपद में किसी भी मामले में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगी. कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में विफल रहने पर जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होना तय है.
नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी हरिद्वार

यही नहीं आरोपियों की धरपकड़ के लिए सीआईयू की टीम को जिम्मेदारी दी गई थी. सीआईयू की टीम ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया. वहीं नाबालिग से जुड़े मामले की जांच कराई गई और मामले को गंभीरता से न लेने पर एसएसपी नवनीत सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रभारी निरीक्षक दिगपाल सिंह कोहली को निलंबित कर दिया है. वहीं खानपुर थाने की जिम्मेदारी अब साइबर सेल में तैनात गोविंद सिंह को दी गई है. देखने में आया है कि कई वर्ष बाद किसी इंस्पेक्टर को सीधे निलंबित करने की कार्रवाई की गई है, जिस वजह से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.

मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा काटा था. क्योंकि यह मामले दो समुदायों से जुड़ा था. आरोपियों के फरार होने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर थाने पर प्रदर्शन भी किया था. हालांकि बाद में एसपी देहात के मौके पर पहुंचने और मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन के कुछ देर बाद सभी कार्यकर्ता मान गए.

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