मसूरी: लगातार बारिश और भूस्खलन से प्रभावित मसूरी-देहरादून मार्ग पर फिलहाल राहत मिली है. पानी वाले बैंड क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण 20 जुलाई को क्षतिग्रस्त हुए मार्ग को लोक निर्माण विभाग ने अस्थायी रूप से यातायात के लिए सुचारू कर दिया है. इसके बाद एसडीएम राहुल आनंद ने मार्ग पर वाहनों की आवाजाही की अनुमति देने के आदेश जारी किए हैं. हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि क्षेत्र अब भी संवेदनशील बना हुआ है और सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी. वहीं, मसूरी-देहरादून मार्ग रात को बंद रहेगा. सिर्फ आवश्यक वाहनों को अनुमति मिलेगी.
मसूरी उप जिला मजिस्ट्रेट राहुल आनंद ने कहा कि आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है. मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस व संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. उन्होंने बताया कि पानी वाले बैंड क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा आने और सड़क को नुकसान पहुंचने के बाद मार्ग को एहतियातन बंद किया गया था. ताकि, किसी प्रकार की जनहानि न हो. अब लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क को अस्थायी रूप से सुरक्षित बनाकर यातायात के लिए खोला गया है.
रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक सिर्फ इन वाहनों को मिलेगी आवाजाही की अनुमति: प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, मसूरी कोतवाली और राजपुर थाना पुलिस को मार्ग पर तीनों पालियों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस यातायात संचालन के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी भी करेगी. वहीं, रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक केवल अति आवश्यक वाहनों को ही इस मार्ग से गुजरने की अनुमति होगी. इस दौरान पुलिस की ओर से सघन चेकिंग भी की जाएगी.
एसडीएम राहुल आनंद ने कहा कि मौसम की स्थिति और पहाड़ी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए. यदि कहीं भी भूस्खलन या मलबा आने की सूचना मिलती है, तो संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करेगा. उन्होंने लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भी निर्देश दिए हैं कि मार्ग को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कार्य जारी रखें. किसी भी अवरोध की स्थिति में तत्काल सड़क खोलने की कार्रवाई करें.
गौर हो कि पिछले कुछ दिनों से मसूरी-देहरादून मार्ग पर लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं. विशेष रूप से पानी वाले बैंड क्षेत्र प्रशासन और यात्रियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. ऐसे में सड़क खुलने से स्थानीय लोगों, पर्यटकों और व्यापारियों को राहत जरूर मिली है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.