रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों से अवैध वसूली और ओवररेटिंग करने वाले घोड़ा हॉकर्स के खिलाफ रुद्रप्रयाग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस की तत्परता से मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालुओं के हजारों रुपये वापस करवाए गए हैं.
नरसिंहपुर करेली एवं इंदौर (मध्य प्रदेश) से आए श्रद्धालु दिनेश विश्वकर्मा, राकेश पटेल, दीपक राय, निर्मला, संगीता गाडेकर और मालिनी रखूंदे श्री केदारनाथ धाम दर्शन के लिए पहुंचे थे. गौरीकुंड क्षेत्र में कुछ घोड़ा हॉकर्स द्वारा इन यात्रियों से 6 घोड़ों के लिए करीब 39,500 रुपये वसूल लिए गए. इतना ही नहीं, यात्रियों को जिला पंचायत की कोई अधिकृत पर्ची भी नहीं दी गई. भीमबली के पास पुलिस चेकिंग के दौरान मामला सामने आया. पूछताछ में यात्रियों ने बताया कि उनसे गौरीकुंड से केदारनाथ तक पहुंचाने के लिए प्रति सवारी 6,500 रुपये लिए गए, जबकि प्रशासन द्वारा निर्धारित सरकारी दर 3,500 रुपये प्रति सवारी है.
पुलिस ने जब संबंधित घोड़ा हॉकर्स से लाइसेंस और दस्तावेज मांगे, तो उनके पास कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला. जांच में यह भी सामने आया कि जिन घोड़ों का उपयोग सवारी के लिए किया जा रहा था, वे वास्तव में मालवाहक घोड़े थे. तीर्थयात्रियों के साथ हुई धोखाधड़ी पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यात्रियों का पूरा पैसा वापस करवाया. साथ ही नियमों का उल्लंघन करने, बिना पर्ची संचालन और ओवररेटिंग करने वाले घोड़ा हॉकर्स का 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान किया गया. पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों से ठगी, अवैध वसूली और अनधिकृत गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.