नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल में गुरुवार को अनेक मामलों की सुनवाई हुई. इनमें दैनिक वेतन भोगी वाहन चालक, राज्य परिवहन निगम के एक रिटायर्ड कर्मचारी, हत्या के जुर्म में बंद व्यक्ति की याचिका और आजीवन कारावास की सजा पाए दो दोषियों की याचिकायों पर सुनवाई हुई.
दैनिक वेतन भोगी वाहन चालक की याचिका पर सुनवाई: सबसे पहले उत्तराखंड हाईकोर्ट ने तहसीलदार सदर देहरादून के अधीन कार्यरत दैनिक वेतन भोगी वाहन चालक की नियमितीकरण से सम्बंधित याचिका की सुनवाई की. हाईकोर्ट ने याची से जिलाधिकारी देहरादून को प्रत्यावेदन देने को कहा है. साथ जिलाधिकारी से इस पर नियमानुसार निर्णय लेने को कहा गया है.
डीएम को आवेदन देने के निर्देश: न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने तहसील देहरादून के दैनिक वेतन भोगी ड्राइवर जसपाल सिंह की सेवाओं के नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग वाली एक रिट याचिका का निस्तारण किया. हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपनी मांग पर जिला मजिस्ट्रेट देहरादून को अभ्यावेदन देने के निर्देश दिए हैं. याचिकाकर्ता 2017 से तहसीलदार, सदर, देहरादून के कार्यालय में दैनिक वेतन भोगी ड्राइवर के रूप में कार्यरत है.
राज्य परिवहन निगम के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की याचिका पर सुनवाई: एक दूसरे मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य परिवहन निगम के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी विजयपाल सिंह द्वारा छठे वेतनमान का लाभ देने की मांग को लेकर याचिका पर सुनवाई की. हाईकोर्ट ने याची से इस सम्बंध में निगम के प्रबंध निदेशक को प्रत्यावेदन देने को कहा है. साथ ही प्रबंध निदेशक से इस पर नियमानुसार निर्णय लेने को कहा है.
6वें वेतन आयोग का पूर्ण लाभ नहीं मिला: याची मई 2017 में जूनियर क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त हुआ था. लेकिन उसे 01 जनवरी 2006 से प्रभावी 6वें वेतन आयोग के पूर्ण लाभ का भुगतान नहीं दिया गया है, जबकि यह लाभ समान स्थिति वाले अन्य कर्मचारियों को दिया गया है. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में हुई.