पौड़ी: शहर के आसपास के क्षेत्रों में गुलदार के हमलों की घटनाओं से लोग अभी उबर भी नहीं पाए हैं, मंगलवार को कोट ब्लॉक के देवार गांव में गुलदार ने आंगनबाड़ी से घर आ रहे 4 वर्षीय बच्चे पर हमला कर फिर से दहशत फैला दी. जानकारी के अनुसार देवार गांव से मासूम अन्य बच्चों के साथ आंगनबाड़ी से घर आपस आ रहा था, तभी गुलदार ने उस पर हमला कर दिया. परिजनों और ग्रामीणों की सतर्कता से बच्चे को बचा लिया गया, जिसके बाद उसे तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल पौड़ी लाया गया. डॉक्टरों के अनुसार बच्चे की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है.
इससे पूर्व भी गुलदार की घटनाओं ने पौड़ी के लोगों को दहशत में डाल रखा है. कुछ दिन पहले कोटी गांव में एक महिला को गुलदार ने अपना निवाला बनाया था. वहीं डोभाल ढांडरी में एक अन्य महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था. लगातार सामने आ रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और रोष बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग और प्रशासन को बार-बार मांग के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे गुलदार के हमले रुकने के बजाय लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं.
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की इन घटनाओं पर तत्काल अंकुश लगाया जाए और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी की विभिन्न रेंजों में गुलदार के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुलदार के हमले में बच्चे के सिर पर गंभीर घाव बने हैं. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों ने गुलदार के आतंक से निजात दिलाने मांग उठाई है. ग्रामीण प्रीतम सिंह रावत के अनुसार, मंगलवार दोपहर में 4 वर्षीय अनमोल छुट्टी के बाद अपनी मां और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ घर लौट रहा था. तभी गांव के पास घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक झपट्टा मारा. अनमोल की मां, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार जंगल की ओर भागा.
इसके बाद घायल बच्चे को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया. घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. उनका कहना है कि पिछले कई महीनों से क्षेत्र में गुलदार की आवाजाही और हमलों की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे पहाड़ में रहना जोखिम भरा होता जा रहा है. ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग से वन्यजीवों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है. वहीं गढ़वाल वन प्रभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग कार्रवाई में जुट गया है. क्षेत्र में टीम भेजकर गश्त बढ़ाई जा रही है. साथ ही ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा और सुरक्षा के उपायों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी.