हरिद्वार: शहर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद से ही चर्चाओं में है. पूर्व में पहले यहां पढ़ने वाले एमबीबीएस के छात्र मेडिकल कॉलेज के निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं. इसके बाद नवंबर की शुरुआत में बिजली का कनेक्शन काटने का विरोध किया गया. स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने का दावा है कि अब छात्रों को सभी सुविधाएं मिलने लगी हैं. सरकार ने विद्युत विभाग का दस करोड़ रुपए का बिजली का बकाया बिल जमा कर दिया है. अगले पांच महीनों में यहां हॉस्पिटल भी शुरू हो जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनके विभाग ने 287 डॉक्टरों का अधियाचन भेजा है. डॉक्टरों की नियुक्ति होने पर काफी सुविधा हो जाएगी.
हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का बिजली का बिल भरा गया: दरअसल नवम्बर की शुरुआत में हरिद्वार के मेडिकल कॉलेज का बिजली का बिल जमा ना होने के चलते कनेक्शन काट दिया गया था. बिजली न होने से यहां पढ़ने वाले एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई तो छात्र विरोध में उतर आए और उन्होंने धरना प्रदर्शन तक कर डाला. इस पर सफाई देते हुई उत्तराखंड सरकार के स्वास्थ मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का अभी 20 प्रतिशत कार्य शेष रह गया है. उनके द्वारा कॉलेज को जल्दी इसलिए शुरू किया गया था क्योंकि अगले वर्ष तक मेडिकल कॉलेज के साथ ही हॉस्पिटल भी शुरू करना था.
स्वास्थ्य विभाग ने भरा 10 करोड़ का बिजली का बिल: धन सिंह ने कहा कि अभी तक मेडिकल कॉलेज का विद्युत कनेक्शन मेडिकल कॉलेज की कार्यदाई संस्था के नाम पर था. अब बिजली का कनेक्शन मेडिकल कॉलेज के नाम पर करा लिया गया है. इसलिए कुछ दिन वहां बिजली की दिक्कत रही और विद्युत विभाग द्वारा जो 10 करोड़ के बकाए की मांग की गई थी, वह भी जमा करा दिया गया है. इसके साथ ही मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उनकी सरकार पूरे उत्तराखंड की स्वास्थ सेवा बेहतर बनाने में जुटी है. इसके लिए पूरे प्रदेश में डॉक्टरों की नियुक्ति की जा रही हैं