उत्तराखंड में होगी 23 खेल अकादमियों की स्थापना, हर साल 920 एथलीट होंगे प्रशिक्षित, CM धामी ने की घोषणा

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार पांच अक्टूबर को उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2025 के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान जहां सीएम धामी ने फाइनल मुकाबले में जीती हरिद्वार एलमास को जीत की ट्रॉफी दी तो वहीं कई घोषणाएं भी की.

UPL 2 के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वे सभी टीमें और खिलाड़ी, जो इस बार जीत से कुछ कदम दूर रह गए हैं, उनसे मेरा आग्रह है कि खेल में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन जो बात सबसे महत्वपूर्ण है वो है आपकी खेल भावना. परिश्रम और निरंतर आगे बढ़ने का जज्बा.

@Pushkar Singh Dhami

हरिद्वार एल्मास ने जीता टूर्नामेंट (@Pushkar Singh Dhami)

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल न केवल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि खेल के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे गुणों का भी विकास होता है. इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की मजबूत नींव रखी.

सीएम धामी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है. पीएम मोदी के मार्गदर्शन के उनकी सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और पुरूषों के साथ ही महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है.

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विजेता टीम के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी. (@Pushkar Singh Dhami)

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जानकार अत्यंत प्रसन्नता हुई है कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड द्वारा पुरूष खिलाडियों के साथ-साथ महिला खिलाडियों के क्रिकेट को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. महिला खिलाड़ियों की चार टीमों ने इस टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन किया और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि इस लीग में महिलाओं की भागीदारी भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने कम समय में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की बालिकाओं द्वारा बीसीसीआई के तत्वाधान में आयोजित अंडर 19 वर्ग की प्रतियोगिता में दो बार चैम्पियन ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया गया है, ये उनके राज्य के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि पर्वतीय राज्य की तीन बालिकाएं राघवी बिष्ट, प्रेमा रावत और नंदनी कश्यप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही है. उन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से वर्तमान में न्यूजीलैंड में होने वाली सीरीज में भारतीय टीम में जगह बनाई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यह भी सोचने का विषय है कि उत्तराखंड का टैलेंट बाहर क्यों जा रहा है? हम जब देखते है कि हमारे पहाड़ी मूल के खिलाड़ी आईपीएल में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन वे अपने राज्य से नहीं बल्कि दूसरे राज्यों की टीम से खेल रहे है.

CM Pushkar Singh Dhami

UPL 2 के समापन कार्यक्रम में पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी. (@Pushkar Singh Dhami)

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से कहना चाहता हूं कि उत्तराखंड की टीम देश की सबसे मजबूत टीम बने, ऐसी व्यवस्था की जाए. क्योंकि हमारी सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है. इसी साल हमारे राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ ही खेल भूमि के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है. इस बार के राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर इतिहास रचते हुए राज्य का गौरव बढ़ाने का कार्य किया.

प्रदेश में बनेगी 23 खेल अकादमियां: मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है. अब हमारे प्रदेश में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन भी होने लग गए हैं. हमारी सरकार उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने उद्देश्य से राज्य में शीघ्र ही एक स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी. इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है. प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने एक नवीन खेल नीति भी लागू की है. इस नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है. इसके साथ ही हमारी सरकार मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है.

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