उत्तरकाशी: जनपद में लगातार बारिश के चलते आम लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. बारिश व अतिवृष्टि से पुरोला क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है. लगातार हो रही भारी बारिश के चलते पुरोला–करड़ा–धड़ोली मोटर मार्ग समेत क्षेत्र की अन्य सड़कों पर जगह-जगह भूस्खलन व सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं. इससे सेब बागवानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं.
धड़ोली, करड़ा, चालनी और सल्ला क्षेत्र के बागवानों की सैकड़ों पेटियां सेब मंडियों में भेजने को तैयार हैं. लेकिन सड़क मार्ग बाधित होने के कारण यह सेब गोदामों में ही फंसे हुए हैं. बागवानों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क नहीं खुलती तो गोदामों में रखा सेब खराब हो जाएगा और उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा. लगातार बारिश से पुरोला–मोरी व मोरी–नेटवाड़ मोटर मार्ग पर भी जगह-जगह मलबा आने से यातायात बाधित हुआ.
लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीनों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाकर आवाजाही को सुचारू कराया. लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत पुरोला–करड़ा–धड़ोली मार्ग पर सामने आई है, जहां करड़ा गांव से दो किलोमीटर पहले करीब 20 मीटर सड़क का हिस्सा पूरी तरह धंस गया है. इस कारण मार्ग पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है और आवागमन ठप हो गया है. बागवान मनमोहन चौहान, कपिल रतूड़ी, जगदीश रतूड़ी, विनोद रतूड़ी, जसवीर व बिजेंद्र रावत ने बताया कि वे पिछले दो दिनों से लगातार विभागीय अधिकारियों को दूरभाष के माध्यम से स्थिति की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन अब तक सड़क खोलने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है
उन्होंने कहा कि सेब सीजन अपने चरम पर है और इस समय सड़क का क्षतिग्रस्त होना उनके लिए भारी संकट है. इस संबंध में पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता वाईके सिंह ने बताया कि उन्हें सड़क क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिल चुकी है. लेकिन लगातार बारिश के कारण फिलहाल मरम्मत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि मौसम साफ होते ही क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कर आवाजाही बहाल की जाएगी. साथ ही आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी.
रामनगर में प्रशासन ने ली सुध: उपजिलाधिकारी रामनगर के आदेश पर बुधवार को खाद्य आपूर्ति विभाग के पूर्ति निरीक्षक और राजस्व उप-निरीक्षक की टीम ने गर्जिया देवी मंदिर के पास वन भूमि पर बसे चौफुलाखत्ता गांव का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से हालात की जानकारी ली. गांववासियों ने बताया कि बरसात के चलते कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है और तेज बहाव से उनका पैदल मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. इस कारण गांव में आवाजाही बेहद कठिन हो गई है, ग्रामीणों ने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुएं और जरूरी सामान नदी पार लाने के लिए उन्हें राफ्ट का सहारा लेना पड़ रहा है.