चमोली: पिंडर नदी में चैनेलाइजेशन के तहत नदी के दोनों छोरों पर उपखनिज के उठान के लिए पट्टे आवंटित किए हैं. लेकिन पट्टाधारकों द्वारा उपखनिज के उठान के लिए मानकों को ताक पर रखते हुए भारी मशीन (पॉकलैंड मशीन) का प्रयोग किया जा रहा है. जबकि जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भारी मशीन की अनुमति किसी भी पट्टाधारक को नहीं दी गयी है, ऐसे में विभाग पर कई सवाल उठ रहे हैं. थराली एसडीएम पंकज भट्ट का कहना है कि ड्रेजिंग के तहत भारी मशीनों की अनुमति नहीं दी गई है, कोई ऐसा करता पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उपखनिज निकासी में मानकों की अनदेखी: पिंडर नदी में पट्टाधारक बेलगाम होकर मनचाहे तरीके से अपनी सहूलियत के हिसाब से भारी मशीनों से उपखनिज निकाल रहे हैं. साथ ही नदी के बहाव को परिवर्तित कर रहे हैं. लेकिन विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है. स्थानीय तहसील प्रशासन अपने मुख्यालय से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी ये कारनामा देख नहीं पा रहा है. वहीं सिमलसैंण में भी पिंडर और प्राणमती नदी के संगम से कुछ दूरी पर रिवर ड्रेजिंग के तहत आवंटित पट्टे पर भी इसी तरह कार्य किया जा रहा है.
मामले में क्या कह रहे जिम्मेदार: यहां भी भारी मशीनों का प्रयोग कर पिंडर नदी की धारा का रुख मोड़ा जा रहा है और जिससे जिम्मेदार अधिकारी बेखबर हैं. थराली उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट ने बताया कि रिवर ड्रेजिंग के तहत भारी मशीनों की अनुमति नहीं दी गई है. भारी मशीनों से कोई खनन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
टिहरी छाम में जेसीबी मशीन को लगाया आग: थाना छाम क्षेत्र में ग्राम सरोट के पास गुरुवार देर रात एप्रोच रोड बनाने के कार्य में लगी जेसीबी मशीन में आग लगा दी गई. जिससे जेसीबी मशीन बुरी तरह जल गई. घटना के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है.