देहरादून: उत्तराखंड में पिछले दिनों पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा करोड़ों की योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के मामले को कांग्रेस ने खूब हवा दी थी. कहा गया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में शासन द्वारा किए गए आदेशों के बाद भी सतपाल महाराज करोड़ों के कार्यक्रमों को खुद ही हरी झंडी दे रहे हैं. लेकिन अब सतपाल महाराज की तरफ से इस पर स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद ही इन योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण किए जाने की बात कही गई है.
पिछले दिनों उत्तराखंड कांग्रेस ने सतपाल महाराज की उन तस्वीरों और वीडियो का हवाला देते हुए सरकार पर जोरदार हमला किया था, जिसमें वह अपने क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे थे.दरअसल, पिछले दिनों नियोजन विभाग द्वारा एक आदेश जारी करते हुए यह स्पष्ट किया गया था कि विभाग के स्तर पर उन सभी योजनाओं की सूची नियोजन विभाग को भेजी जाए, जिनके लोकार्पण या शिलान्यास किए जाने हैं.
इसमें कहा गया था कि अब प्रदेश में विभिन्न शिलान्यास और लोकार्पण के कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद मौजूद रहेंगे और उनकी मौजूदगी में ही इस तरह के कार्यक्रमों को आयोजित किया जाएगा. इसके अलावा छोटे-छोटे विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण की जगह कई योजनाओं को मिलाकर एक साथ कई योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किये जाएंगे
सरकार की तरफ से इस तरह के आदेश को निकलवाने का मकसद प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले सरकार द्वारा किए गए कार्यों को बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर जनता तक पहुंचाना था. खास बात यह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम भी तय किए गए थे, जिनमें इन योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास होने थे.
लेकिन पिछले दिनों सतपाल महाराज ने अपनी विधानसभा चौबट्टाखाल में करोड़ों की योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किये. उत्तराखंड कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया और सरकार में मंत्रियों द्वारा मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना की बात कही. ईटीवी भारत में भी इस खबर को प्रमुखता से प्रसारित किया. अब इस मामले में सतपाल महाराज की तरफ से उनके कार्यालय द्वारा बयान जारी करते हुए इन सभी योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास को करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा अनुमति दिए जाने की बात कही गई है.