देहरादून: उत्तराखंड के चुनिंदा हिलस्टेशन में शामिल मसूरी भारी दबाव में है. खासतौर पर वीकेंड और छुट्टी के दिनों में यहां पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है. इसी को देखते हुए पहली बार मसूरी का सर्वे किया जा रहा है. जिससे इस हिल स्टेशन की सबसे बड़ी समस्या को खत्म किया जा सके.
समय के साथ-साथ मसूरी पर्यटकों के लिए मुसीबत का सबक बनती रही है. देश विदेश के पर्यटक मसूरी जाने का प्लान तो बनाते हैं, लेकिन देहरादून पहुंचने के बाद मसूरी जाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता. मुख्य तौर पर देखें तो मसूरी के लिए पार्किंग की व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था एक सबसे बड़ी चुनौती है. इस पर पिछले लंबे समय से चिंता तो जाहिर की जाती रही है लेकिन कोई ठोस प्रयास नहीं हो पाए.
पर्यटन सचिव धीराज सिंह ने कहा ट्रैफिक व्यवस्था मसूरी के लिए एक बड़ी चिंता रहा है. इसी को देखते हुए हिल स्टेशन की केयरिंग कैपेसिटी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. जिससे यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की सुविधाओं को देखते हुए उचित व्यवस्था की जा सके.
पहाड़ों की रानी कही जाने वाली मसूरी में ट्रैफिक या पार्किंग को लेकर साल भर दिक्कत नहीं आती है. देश और दुनिया भर के पर्यटक मसूरी में साल भर आते हैं. खास तौर पर देखा जाए तो बर्फबारी और छुट्टी वाले दिनों में पर्यटकों का यहां तांता लगा रहता है. यहां पर पर्यटकों की संख्या इतनी ज्यादा हो जाती है कि देहरादून से ही जाम की स्थिति बन जाती है. मसूरी में स्थितियां संभालना मुश्किल हो जाता है.
पर्यटन विभाग द्वारा सर्वे करने का मकसद मसूरी में केयरिंग कैपेसिटी को जानना है. साथ ही इससे सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी पुलिस को मदद मिलेगी. मसूरी आने वाले तीन से चार रास्ते ही हैं. इन सभी रास्तों पर कैमरे लगाने का प्लान किया जा रहा है. इसके जरिए सभी गाड़ियों पर प्रशासन की नजर रहेगी. इससे बेहतर मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी. दूसरी तरफ मसूरी में मौजूद होटल और होमस्टे की संख्या के लिहाज से ही पर्यटकों को भेजने की भी भविष्य में व्यवस्था बन सकती है. इन हालातों के बाद न केवल ट्रैफिक के बिगड़ते हालातो पर भी नियंत्रण किया जा सकता है. साथ ही मसूरी में पार्किंग की समस्या को भी कुछ हद तक कंट्रोल किया जा सकता है.