रामनगर: वन प्रभाग के अंतर्गत कालाढूंंगी रेंज में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. मंगलवार शाम को गश्त के दौरान चकलुवा बीट के कंपार्टमेंट संख्या 2सी में स्थित निगम डिपो प्लाट संख्या एक पर कर्मचारियों ने एक बाघ का शव पड़ा हुआ देखा. सूचना पाकर मौके पर वन विभाग की टीम तुरंत पहुंची. जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने बताया मृत बाघ एक नर था. जिसकी उम्र करीब 6 से 7 वर्ष आंकी गई है. उन्होंने बताया कि बाघ के सभी अंग सुरक्षित हैं. प्रारंभिक जांच से यह प्रतीत होता है कि बाघ की मौत किसी बीमारी के कारण हुई है. मृत बाघ की असली मौत का कारण निश्चित रूप से विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा. पोस्टमार्टम कार्य वरिष्ठ वन चिकित्सकों डॉ. नीरज और डॉ. राजीव की देखरेख में किया गया. दो डॉक्टरों के पैनल ने बारीकी से बाघ के शरीर की जांच की और आवश्यक नमूने विसरा परीक्षण के लिए बरेली के प्रयोगशाला भेजा.
डीएफओ ने कहा फिलहाल किसी बाहरी आघात या अन्य संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं. इसलिए यह संभावना जताई जा रही है कि बाघ की मृत्यु प्राकृतिक कारणों या किसी आंतरिक बीमारी के चलते हुई होगी. वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से पूरा किया. अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद बाघ के शव को सुरक्षित रूप से जलाकर नष्ट कर दिया गया. इससे पहले विभागीय अधिकारी व कर्मी स्थल पर मौजूद थे. जांच कार्य संपन्न किया गया.
वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जंगल में किसी भी असामान्य घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें. साथ ही कहा गया कि वन्यजीवों की सुरक्षा में सभी का सहयोग आवश्यक है. जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके. वहीं, क्षेत्रीय वन अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि बाघ के शव मिलने की घटना से वन्यजीव संरक्षण पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई का खुलासा विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगा. डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने कहा कि जांच के अंतिम निष्कर्ष आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.