उत्तरकाशी: पहाड़ों में अधिकतर रामलीला का मंचन होता है. वहीं भटवाड़ी विकासखंड के क्यार्क गांव में कृष्ण लीला का आयोजन किया जा रहा है. जहां समिति के लोग और ग्रामीण धार्मिका परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ ही महिला सशक्तिकरण की अवधारणा को भी साकार कर रहे हैं. पिछले दस वर्षों से गांव की लड़कियां इस लीला में विभिन्न पात्रों का अभिनय कर रहे हैं. वहीं इस वर्ष पहली बार कृष्ण के पात्र के रूप में गांव की 16 वर्षीय साक्षी रावत अभिनय कर रही है.
20 सालों से हो रही कृष्ण लीला: क्यार्क गांव में करीब 20 सालों से शीतकाल में कृष्ण लीला का आयोजन किया जा रहा है. पहले दस वर्ष वहां पर पुरुषों ने ही महिलाओं के पात्रों का अभिनय किया. उसके बाद ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि गांव की लड़कियों को भी अभिनय का मौका दिया जाए. उसके बाद से हर वर्ष वहां पर कृष्ण लीला की महिला पात्रों देवकी, राधा, महामाया, यशोदा का लड़कियां बखूबी अभिनय कर रही हैं.
दूर-दूर से मंचन देखने पहुंचे लोग: वहीं इस वर्ष कृष्ण लीला समिति की ओर से इस बार पहली बार मुख्य कृष्ण के पात्र की भूमिका के अभिनय की जिम्मेदारी 16 वर्षीय साक्षी रावत को दी गई है. कृष्ण लीला के पांचवे दिन से वह अपना अभिनय का मंच पर दिखाएंगी. समिति के महासचिव अंकित पंवार, उद्घोषक रवि रावत ने बताया कि साक्षी इससे पहले भी कृष्ण लीला में राधा, नटी, महामाया आदि पात्रों का अभिनय कर चुकी है.
महिलाओं के अभिनय की खूब हो रही तारीफ: वहीं इस बार उसकी इच्छा थी कि वह कृष्ण भगवान के पात्र का अभिनय करें. तो समिति और ग्रामीणों की ओर से इसे नवाचार प्रयास पर सहमति देकर साक्षी से कृष्ण के पात्र की रिहर्सल करवाई गई. इस वर्ष भी कृष्ण के साथ राधा का स्नेहा पंवार, छोटी राधा का समीक्षा रावत, देवकी का गीता, नट-नटी का खुशबु, श्वेता और महामाया का अभिनय सीता कर रही हैं. वहीं रूप सज्जा में दिव्या राणा और अक्षिता को समिति की ओर से जिम्मेदारी सौंपी गई है.
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा: क्यार्क गांव के रवि रावत ने बताया कि क्यार्क गांव सीमांत गांव में शामिल है. इसलिए इन गांवों से धार्मिक सद्भावना के कार्यों के साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए यह प्रयोग किए गए. वहीं इससे हमारे ग्रामीण अंचल की बालिकाओं को मंच मिलेगा. इसका लाभ उन्हें उनके भविष्य में भी होगा.