अल्मोड़ा: उत्तराखंड में वन्यजीवों के हमले के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. अल्मोड़ा के सल्ट के मोहान रेंज में भी बाघ का आतंक छाया हुआ है. जहां तड़म (बेलम) गांव के एक व्यक्ति जंगल में लकड़ी लेने गए थे. तभी बाघ ने उन्हें अपना निवाला बना डाला. इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
लकड़ी लेने जंगल गए खीम सिंह को बाघ ने बनाया निवाला: जानकारी के मुताबिक, मंगलवार यानी 31 मार्च की सुबह 60 वर्षीय खीम सिंह लकड़ी लेने के लिए जंगल को गए थे. वो रोजना लकड़ी लेने जंगल जाया करते थे और 10 बजे तक वापस लौट आते थे, लेकिन मंगलवार को वो लकड़ी लेने के लिए जंगल तो गए, लेकिन 11 बजे तक वापस नहीं लौटे. जिस पर परिजनों को उनकी चिंता सताने लगी.
पांव छोड़ कर पूरा धड़ खा चुका था बाघ: इसके बाद परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उनकी खोज शुरू की. खोजबीन के दौरान रास्ते में उन्हें खून के धब्बे दिखाई दिए. जिसके बाद किसी अनहोनी की आशंका के साथ ग्रामीणों ने जंगल में खोजबीन तेज कर दी. इसी दौरान घने जंगल में ग्रामीणों को खीम सिंह का क्षत विक्षिप्त शव मिला. जिसमें पांव छोड़ कर धड़ पूरा खाया हुआ था.
सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम: ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग और प्रशासन को दी. सूचना मिलते ही मोहान रेंज के रेंजर गंगा शरण वन विभाग की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. मौके पर पहुंच कर वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा, फिर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेजा.
उधर, खीम सिंह की मौत पर पूरे इलाके में डर का माहौल है. वनकर्मियों का कहना है कि बाघ को पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है. साथ ही गश्त बढ़ा दी है. ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ के आतंक से छुटकारा दिलाने की मांग की है. साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग उठाई है