अल्मोड़ा: नगर निगम अल्मोड़ा में नगर आयुक्त की नियुक्ति न होने और नगर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बंदरों की समस्या को लेकर कांग्रेस समर्थित और निर्दलीय पार्षदों ने मंगलवार से नगर निगम गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम बनाए जाने के बाद विकास कार्य ठप पड़े हैं और नगर आयुक्त की नियुक्ति न होने से प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से नहीं चल पा रहे हैं. इस दौरान पार्षदों ने शासन और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई. धरने में भाजपा समर्थित पार्षदों की कोई भागीदारी नहीं दिखाई दी.
धरने पर बैठे पार्षद हेम तिवारी ने कहा कि निगम बने लगभग एक वर्ष होने को है, लेकिन अब तक स्थायी नगर आयुक्त की नियुक्ति नहीं हो सकी है. कई बार मांग करने के बावजूद प्रशासन की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया. वर्तमान में सीडीओ को नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, लेकिन वे अपने मूल दायित्वों में व्यस्त रहने के कारण नगर निगम के कार्य प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं फाइलों में अटकी पड़ी हैं और इसका सीधा असर जनता पर पड़ रहा है.
पार्षद चंचल दुर्गापाल ने कहा कि नगर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है. बच्चों का घर से स्कूल तक सुरक्षित निकलना मुश्किल हो गया है. कई बार मेयर और जिलाधिकारी से मुलाकात कर इस समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन आश्वासन मिलने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि जनता दहशत में है और निगम और वन विभाग की उदासीनता से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.