रामनगर: मानसून में पहाड़ और जंगल दोनों के नजारे सैलानियों को नया अनुभव देते हैं. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो पर्यटन जोन में इस बार बरसात के मौसम में भी पर्यटक अब जंगल के बीच ट्री हाउस नाइट स्टे और डे सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे.
पहली बार फाटो पर्यटन जोन में मानसून सीजन के दौरान भी जंगल में ठहरने और सफारी की सुविधा दी जा रही है. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हर साल 15 जून से 15 नवंबर तक सभी जोनों में रात्रि विश्राम बंद रहते हैं. जबकि 3 जोनों में डे सफारी होती है, जिसमे ढेला, झिरना व गर्जिया जोन शामिल है. लेकिन अब इस परंपरा को तोड़ते हुए फाटों जोन को मानसून में भी पर्यटकों के लिए खोला गया है.
बीते दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फाटो जोन पहुंचकर इस पहल की शुरुआत की थी. इस दौरान उन्होंने कहा कि मानसून सीजन में भी जंगल के बीच ट्री हाउस और डे सफारी का रोमांच पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव होगा. इससे ना केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं को बरसात में भी रोजगार मिलेगा.
फाटो पर्यटन जोन में 13 आवासीय कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें से दो आकर्षक ट्री हाउस खासतौर पर तैयार किए गए हैं. लकड़ी से बने यह ट्री हाउस ऊंचाई पर स्थित हैं, जहां से जंगल और वाटर होल का दृश्य साफ दिखाई देता है. इन वाटरहोल्स पर बाघ, हाथी, भालू, गुलदार जैसे वन्यजीवों का दीदार भी संभव है. ट्री हाउस की लॉबी से बैठकर इन वन्यजीवों के व्यवहार को नजदीक से देखना अपने आप में एक रोमांचक अनुभव होगा.
पहले बरसात में जंगल की सड़कें खराब होने के कारण पर्यटकों की सुरक्षा चुनौती थी, लेकिन अब सड़कें मजबूत और सुरक्षित बना दी गई हैं. अब पर्यटक मानसून में भी पूरी सुरक्षा और सुविधा के साथ जंगल सफारी और नाइट स्टे का आनंद ले सकते हैं. बुकिंग की सुविधा पूरी तरह ऑनलाइन की गई है, जिससे पारदर्शिता बनाया गया है.
प्रकाश आर्या,डीएफओ तराई पश्चिमी
प्रकाश आर्या ने बताया कि सैलानी www.phantoecozone.in वेबसाइट के माध्यम से पर्यटक अपनी बुकिंग करा सकते हैं. फाटों जोन में 50 जिप्सियां सुबह और 50 जिप्सियां शाम की पाली में जंगल सफारी कराती हैं. वहीं 15 जिप्सियां नाइट स्टे के लिए अधिकृत हैं.
फाटो जोन को मानसून में खोलना दूरदर्शी कदम है, इससे न केवल पर्यटन सीजन को विस्तार मिलेगा बल्कि नेचर गाइड, जिप्सी चालक और स्थानीय लोगों को अतिरिक्त रोजगार भी मिलेगा. कॉर्बेट पार्क की तर्ज पर विकसित फाटो जोन जैव विविधता और वन्यजीवों की उपस्थिति के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध होता जा रहा है, यहां पर बाघ, हाथी, भालू, गुलदार और हिरण जैसे दुर्लभ वन्यजीवों का दीदार पर्यटकों को आकर्षित करता है.
संजय छिम्वाल, वन्यजीव प्रेमी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दौरे के दौरान कहा था कि फाटो जोन जैव विविधता और वन्यजीवों से समृद्ध है. इस जोन को साल भर पर्यटन के लिए खोलना राज्य की अर्थव्यवस्था और युवाओं के लिए लाभकारी होगा. सरकार इस दिशा में और भी योजनाएं लाएगी. इस नई पहल से यह स्पष्ट है कि अब उत्तराखंड में मानसून सीजन केवल ठहराव का नहीं, बल्कि रोमांच, रोजगार और अनुभवों से भरपूर नया अध्याय बनकर उभर रहा है.